धनबादः झारखंड के धनबाद जिले के बाघमारा क्षेत्र (सोनारडीह थाना) में टांडाबारी बस्ती में मंगलवार शाम को तेज धमाके के साथ भयानक भू-धंसान हो गया। पलक झपकते ही तीन घर पूरी तरह जमीन में समा गए, जिसमें एक ही परिवार के तीन सदस्यों के मलबे में दब गए। इस हादसे से इलाके में दहशत फैल गई और कई अन्य घरों में दरारें पड़ने से लोग अपने घर छोड़ भागे। इस घटना में तीन लोगों के मरने की आशंका है।
राहत बचाव कार्य जारी
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि बचाव अभियान शुरू कर दिया गया है। एक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि भूस्खलन बारिश के कारण हुआ और इलाके में कोई अवैध खनन नहीं हो रहा है। बाघमारा से विधायक शत्रुघ्न महतो ने दावा किया कि जमीन धंसने के कारण कम से कम चार मकान ढह गए। उन्होंने यह भी दावा किया कि इलाके में अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है, जो इस घटना का एक कारण हो सकता है।
प्रशासन के खिलाफ स्थानीय लोगों का प्रदर्शन
गुस्साए ग्रामीणों ने घटना के बाद सड़कों पर उतरकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल राहत की मांग की। बाघमारा डीएसपी परुषोतम सिंह के नेतृत्व में पुलिस और जिला प्रशासन ने लोगों को घटनास्थल से सुरक्षित स्थान पर रखा । साथ ही रेस्क्यू टीम को अलर्ट कर बचाव कार्य शुरू कर दिया गया। भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के प्रबंधक भी मौके पर पहुंचे और राहत अभियान में जुट गए।
स्थानीय विधायक शत्रुघन माहतो भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। विधायक ने जिला प्रशासन से मांग की कि बचाव कार्य को तेज किया जाए तथा प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा और पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। फिलहाल, राहत और बचाव कार्य जारी हैं, लेकिन मलबे में दबे लोगों की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मामले की हो रही जांच
यह घटना कोयला खदानों से सटे इलाकों में भू-धंसान की बढ़ती समस्या को उजागर करती है। BCCL अधिकारियों का कहना है कि खदान subsidence की जांच की जा रही है। जिला प्रशासन ने आसपास के घरों को खाली कराने का आदेश दिया है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो। आपको बता दें कि धनबाद का यह सभी इलाका अग्निप्रभावित क्षेत्र में आता है जिसके कारण अक्सर ऐसी घटना घटित होते रहती है।
रिपोर्ट- कुंदन सिंह